गुरुवार, 21 सितंबर 2023

सेतुबंधासन (Bridge Pose) - क्रिया और उपयोग Setubandhasana (Bridge Pose) – Actions and Uses

 सेतुबंधासन (Bridge Pose) - क्रिया और उपयोग

Setubandhasana (Bridge Pose) – Actions and Uses

सेतुबंधासन (Bridge Pose) एक प्राणायामिक और योग आसन है जो हमारे शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य को सुधारने में मदद कर सकता है। इस आसन को करने से आपकी पूरी पीठ, पेट, और पैरों की मांसपेशियों को मजबूती मिलती है और यह आपके पेट के आसपास की चर्बी को कम करने में भी मदद कर सकता है।


कैसे करें सेतुबंधासन:


    सबसे पहले, एक योग आसन की तरह पड़ें और अपने पैरों को हिलाकर अपने पीछे की ओर घुसाएं।


    अपने पैरों को शरीर के करीब रखें और हड्डियों को सीधा रखें।


    अब, अपने हाथों को शरीर के साथ लटकाकर रखें, पैरों के नीचे की ओर पालम नीचे की ओर दिशा करते हुए।


    श्वास को धीरे-धीरे छोड़ें और अपने पेट को ऊपर की ओर उठाएं, जिससे आपका शरीर एक पुल की तरह सीधा हो जाए।


    आपके कंधे, पैरों के बाल के अनुसार, ज़मीन से थोड़ा दूर रखें।


    इस स्थिति में 15-30 सेकंड तक बने रहें, फिर धीरे-धीरे श्वास छोड़ें और अपने शरीर को धीरे-धीरे नीचे करें।


    आराम से सांस लें और अपने पैरों को आराम से फ़्लोर पर डालें।


सेतुबंधासन के उपयोग:


    पीठ और पेट की मजबूती: सेतुबंधासन आपके पीठ, पेट, और पैरों की मांसपेशियों को मजबूत करता है, जिससे आपका शरीर स्थिर और काबू में रहता है।


    चर्बी कम करना: इस आसन को नियमित रूप से करने से पेट के आसपास की चर्बी को कम करने में मदद मिलती है।


    श्वासनली की सुधार: सेतुबंधासन श्वासनली को सुधार सकता है और सांस लेने की क्षमता को बढ़ावा देता है।


    स्त्रेस कम करना: योग क्रियाएं शारीरिक स्वास्थ्य के साथ-साथ मानसिक स्वास्थ्य को भी सुधारती हैं, और सेतुबंधासन भी इसमें मदद कर सकता है।


    गर्मियों के दिनों में शांति: इस आसन को गर्मियों में करने से शांति मिलती है और तंदुरुस्त नींद को बढ़ावा देता है।


सावधानियां:


    मानसिक स्थिति: सेतुबंधासन को करते समय ध्यान दें कि आपका आत्मविश्वास मजबूत हो, और यदि आप किसी प्रकार के डिप्रेशन या मानसिक स्वास्थ्य समस्याओं से पीड़ित हैं, तो डॉक्टर से परामर्श लें।


    गर्दन की सावधानी: आसन को करते समय गर्दन को अत्यधिक टिपटिपाने वाली नहीं करना चाहिए।


    किसी चिकित्सकीय समस्या के बारे में जानकारी: यदि आपको किसी प्रकार की चिकित्सकीय समस्या है, तो सेतुबंधासन को करने से पहले डॉक्टर से परामर्श करें।


सेतुबंधासन कितनी देर करना चाहिए?


सेतुबंधासन को सही तरीके से करने के लिए आपको आसन को 15 सेकंड से लेकर 30 सेकंड तक बनाए रख सकते हैं, और उसे धीरे-धीरे बढ़ा सकते हैं जब आपकी साक्षरता बढ़ती है।


सेतुबंधासन से क्या लाभ होता है?


सेतुबंधासन करने से निम्नलिखित लाभ हो सकते हैं:


    पूरी पीठ की मजबूती: सेतुबंधासन से पूरी पीठ की मांसपेशियाँ मजबूत होती हैं, जिससे सही पोस्चर और समर्थन मिलता है।


    पेट की चर्बी कम करना: इस आसन को नियमित रूप से करने से पेट के आसपास की चर्बी को कम करने में मदद मिलती है।


    श्वासनली की सुधार: सेतुबंधासन श्वासनली को सुधार सकता है और सांस लेने की क्षमता को बढ़ावा देता है।


    स्त्रेस कम करना: योग क्रियाएं मानसिक स्वास्थ्य को भी सुधारती हैं, और सेतुबंधासन भी इसमें मदद कर सकता है।


    गर्मियों में राहत: इस आसन को गर्मियों में करने से शांति मिलती है और तंदुरुस्त नींद को बढ़ावा देता है।


सेतुबंधासन के बारे में ध्यान दें:


सेतुबंधासन को सही तरीके से करने के लिए सटीक जानकारी और योगाचार्य के मार्गदर्शन की आवश्यकता होती है। आपको सुरक्षितीकृत करने के लिए हमेशा ध्यानपूर्वक और सावधानी से करना चाहिए, और यदि आपको किसी प्रकार की चिंता होती है, तो डॉक्टर से परामर्श करें।

सेतुबंधासन (Bridge Pose) का जन्म

सेतुबंधासन (Bridge Pose) योग का एक महत्वपूर्ण आसन है जो हमारे शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य को सुधारने में मदद करता है। इस आसन का नाम संस्कृत शब्द "सेतु" से आया है, जिसका अर्थ होता है "पुल" और "बंध" का अर्थ होता है "सम्बोधन" या "आसन"। इसे सेतुबंधासन कहा जाता है क्योंकि जब आप इस आसन को करते हैं, तो आपका शरीर एक पुल जैसा दिखता है जो बनाया जाता है।

सेतुबंधासन का प्राथमिक उद्देश्य पीठ को मजबूत करना और योगासन को करने वाले की शारीरिक स्थिति को सुधारना है। यह आसन सीधे कमरे के क्षेत्र में दबाव को कम करने में मदद करता है और सही पोस्चर को बनाए रखने में सहायक होता है। सेतुबंधासन करने से शरीर की पूरी पीठ, कमर, और टोन्ड क्षेत्र में बल मिलता है।

सेतुबंधासन का अभ्यास करने से गर्दन की सांस को सुधारा जा सकता है, चेहरे की त्वचा को ताजगी और निखार देने में मदद कर सकता है, श्वासनली को सुधार सकता है, स्त्रेस को कम करने में मदद कर सकता है, और पैदल दिलायरी को सुधारने में मदद कर सकता है।

इस आसन को करते समय ध्यान और सावधानी से करना चाहिए, और अगर आपने पहले कभी योग नहीं किया है तो पहले किसी योग गुरु की मार्गदर्शन में आसन को करें। साथ ही, किसी चिकित्सक से सलाह लें यदि आपको किसी खास स्वास्थ्य समस्या का सामना है जो इस आसन को करने से पहले ध्यान में रखनी चाहिए।


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