बुधवार, 27 सितंबर 2023

शवासन योगासन के अभ्यास का तरीका Benefits of Savasana (Corpse Pose)

 शवासन योगासन के अभ्यास का तरीका
Benefits of Savasana (Corpse Pose)

शवासन योगासन के अभ्यास का तरीका

Benefits of Savasana (Corpse Pose) 


शवासन योगासन, जिसे शवासन या मृत्यु आसन भी कहा जाता है, योग का एक प्रमुख आसन है जिसका मुख्य उद्देश्य शारीरिक और मानसिक शांति और आराम प्राप्त करना है। इस आसन का अभ्यास करने से आपके शारीरिक और मानसिक तनाव को कम किया जा सकता है। यहां शवासन का अभ्यास करने का तरीका दिया गया है:


1. स्थिति निर्धारण (सेटअप):


    एक शांत कमरे में आसन करें, जिसमें आपको किसी भी प्रकार की दिवार, जमीन, या योग आसन के लिए कार्पेट का सहारा लेने की आवश्यकता नहीं होती।

    एक योग मैट या कार्पेट पर लेट जाएं।


2. शवासन की प्रारंभिक स्थिति:


    आपके पैर सीधे हों और आपकी पैरों के बीच की दूरी आपकी ओरिफिस के बराबर होनी चाहिए।

    आपके हाथ सिर पर हों और पैल्म्स उपर की ओर हों।

    आपके मुख सीधा ऊपर की ओर हो, आंखें बंद हों, और शांति बनाए रखें।


3. शवासन की गहरी स्थिति:


    अब आपको अपने सभी शारीरिक अंगों को एक-एक करके धीरे-धीरे छोड़ना है।

    पूरे शरीर को छोड़ते समय, आपको आत्मा की ओर ध्यान केंद्रित करना है और शांति में बने रहना है।

    आपकी सांसें गहरी और सुन्दर रूप से होनी चाहिए। ध्यान और संकेत के साथ सांस लें।

    इस स्थिति में आपको कुछ मिनटों तक रहना है, जैसे कि 5-10 मिनट।


4. आसन को छोड़ना (स्वतंत्रता):


    जब आपको अपने सभी शारीरिक और मानसिक तनाव को शांति मिलती है, तो धीरे-धीरे आंखें खोलें और आसन को छोड़ने के लिए तैयार हों।

    आसन को छोड़ने के बाद, आपको अपने सभी अंगों को हिलाने और खींचने के बजाय, सहायता से बैठ जाना है।


शवासन योगासन का अभ्यास दिन में कई बार किया जा सकता है और यह आपके शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य को बेहतर बनाने में मदद कर सकता है। यह आसन सुबह उठकर, या रात को सोने से पहले किया जा सकता है, ताकि आपका दिन शांत और प्रसन्न मन से बिता जा सके।

शवासन (Shavasana) योगासन का अभ्यास करने से शारीरिक और मानसिक तौर पर कई लाभ होते हैं। निम्नलिखित कुछ मुख्य लाभ हैं:


    तनाव कम करने में मदद: शवासन एक गहरे और शांत स्थिति में बनाया जाता है, जिससे शारीरिक और मानसिक तनाव कम होता है।


    शांति और सांत्वना: यह आसन आत्मा की ओर ध्यान केंद्रित करने में मदद करता है और शांति और सांत्वना प्राप्त करने में मदद करता है।


    नींद में सुधार: यदि आपको नींद की समस्या है, तो शवासन नींद को सुधारने में मदद कर सकता है।


    मानसिक स्पष्टता: यह आसन मानसिक स्पष्टता को बढ़ावा देता है और मानसिक शांति प्राप्त करने में मदद कर सकता है।


    शारीरिक आराम: शवासन का अभ्यास करने से शारीरिक आराम प्राप्त होता है, और यह स्थानांतरित रोगों को सुधारने में मदद कर सकता है।


    सांस की नियमितता: यह आसन सांस की नियमितता को बढ़ावा देता है और शारीरिक स्वास्थ्य को बेहतर बनाता है।


    मानसिक शांति: यह आसन मानसिक शांति प्राप्त करने में मदद करता है और मानसिक स्वास्थ्य को बेहतर बनाता है।


    स्वास्थ्य और विकास के लिए नियमितता: शवासन को नियमित रूप से प्रैक्टिस करने से आपका स्वास्थ्य और योग कौशल में सुधार हो सकता है।


शवासन को योग की आखिरी स्थिति के रूप में अभ्यास करने से योगासन की प्रैक्टिस को समाप्त किया जाता है और ध्यान का एक अच्छा उपयोग हो सकता है। यह आपके शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य को बेहतर बनाने में मदद करता है और जीवन को सुखद और सांत्वना से भर देता है।

सावधानियां:  

शवासन (Shavasana) योगासन का अभ्यास करते समय भी कुछ सावधानियों का पालन करना महत्वपूर्ण होता है ताकि आपका अभ्यास सुरक्षित और फायदेमंद हो। यहां शवासन के दौरान ध्यान देने वाली कुछ सावधानियां हैं:


    आसन की सही स्थिति: आपको अपने शरीर को योगासन की सही स्थिति में रखना चाहिए। यहां आपको अपने पैरों को साथ में रखना चाहिए, पैरों की ऊपर की ओर उंगलियों को बाहर की ओर फैलाना चाहिए, और अपने हाथों को ऊपर की ओर फैलाना चाहिए।


    समय की पालन: यदि आप शवासन करते समय सोते हैं, तो आपको एक ठंडी और सुखद स्थिति में लेटने का प्रयास करना चाहिए। आसन को छोड़ने के बाद आपको धीरे-धीरे उठना चाहिए, और जल्दी से खड़ा नहीं होना चाहिए।


    सुन्दर रूप से सांस लें: आपको शवासन के दौरान ध्यान और संकेत के साथ सुन्दर रूप से सांस लेना चाहिए। दीर्घ और गहरी सांस लें और शांति में बने रहें।


    मानसिक शांति: यह योगासन आपको मानसिक शांति प्राप्त करने में मदद कर सकता है, इसलिए ध्यान और शांति में बने रहने का प्रयास करें।


    समय का पालन: शवासन को छोड़ने के बाद धीरे-धीरे उठें, और जल्दी से नहीं खड़ा होने का प्रयास करें।


    शारीरिक स्थिति का मूल्यांकन: यदि आपको शारीरिक कोई समस्या हो, तो आपको पहले अपने चिकित्सक से परामर्श लेना चाहिए और उनकी सलाह के अनुसार शवासन करना चाहिए।


    योगासन के साथ ध्यान: यदि आप शवासन को ध्यान के साथ कर रहे हैं, तो आपको शांति में बने रहने का प्रयास करना चाहिए और दूसरे विचारों को बाहर करने का प्रयास करना चाहिए।


    आसन को छोड़ने का तरीका: आपको शवासन को छोड़ने के तरीके पर ध्यान देना चाहिए और उठने का प्रयास करना चाहिए, ताकि आपके शारीरिक और मानसिक स्थिति को कोई क्षति न आए।


शवासन के दौरान इन सावधानियों का पालन करने से आपका अभ्यास सुरक्षित और प्रयाग्यमय हो सकता है और आपको मानसिक और शारीरिक आराम प्राप्त हो सकता है।

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