yogalife How to Do
सुप्तबध्दकोनासन
yogalife How to Do
सुप्तबध्दकोनासन
सुप्तबध्दकोणासन एक प्रकार का योगासन है जो योग के अभ्यास का हिस्सा है। इस आसन में आपको बैठकर और लेटकर दोनों रूपों में किया जा सकता है। इसका मुख्य उद्देश्य कमर, पेल्विक एरिया और गुदा क्षेत्र को मजबूत करना होता है।
सुप्तबध्दकोणासन को करने के लिए निम्नलिखित चरणों का पालन करें:
प्रारंभ में, योगमाट या चट्टी पर बैठें और अपने पैरों को आपस में मिलाएं।
अब अपने पैरों की ओर धीरे-धीरे ले जाएं, ताकि आपके पैरेल्लल हों और आपकी पैरों की तलवों को एक-दूसरे से मिलाएं।
आगे बढ़कर अपने हाथों को अपने पैरों की ओर धीरे-धीरे ले जाएं। आप इन्हें पैरों की तलवों के पास या ज्यादा से ज्यादा संभाल सकते हैं।
अब आप अपने पैरों के बीच एक छोटी सी टोंग को रखें, जिससे आपके पैरों की जबड़े खुली रहें।
धीरे-धीरे आप अपनी सांसें धीरे-धीरे और गहरी तरीके से लें, और साथ ही मानसिक शांति को बनाए रखने का प्रयास करें।
आप जब बाहर आना चाहें, तो धीरे-धीरे आपके हाथों को पैरों से हटाएं और पैरों को सीधा करें।
आसन को करने के बाद, धीरे-धीरे बैठे हुए स्थिति से उठें और थोड़ी देर तक बैठे रहें, और अपनी सांसें नॉर्मलाइज करें।
सुप्तबध्दकोणासन को सही तरीके से करने के लिए, योग के अभ्यास में स्थिरता और सावधानी बरतना महत्वपूर्ण है। आपको आसन की साथी की मदद लेने की आवश्यकता भी हो सकती है, खासतर जब आप इसे पहली बार कर रहे हों।
सुप्तबध्दकोनासन के उपयोग:
कमर की मजबूती: सुप्तबध्दकोणासन के द्वारा, आपकी कमर की मांसपेशियों को मजबूती मिलती है, जिससे कमर की समस्याओं को दूर किया जा सकता है।
पेल्विक एरिया का सुधारणा: यह आसन पेल्विक एरिया को मजबूत करने में मदद कर सकता है और प्रजनन क्षमता को बढ़ावा देने में सहायक हो सकता है।
गुदा क्षेत्र की सुधारणा: यह आसन गुदा क्षेत्र को स्तिमित करने में मदद कर सकता है और पाइल्स (बवासीर) जैसी समस्याओं को कम करने में मदद कर सकता है।
अवश्रम और मानसिक शांति: सुप्तबध्दकोणासन को करने से आपके मानसिक स्थिति में शांति और आत्मा की शांति मिल सकती है। यह मानसिक अवश्रम को कम करने में मदद कर सकता है और मानसिक तनाव को कम कर सकता है।
योग के अभ्यास का हिस्सा: सुप्तबध्दकोणासन योग के अभ्यास का हिस्सा है और योग के अन्य आसनों के साथ मिलाकर किया जा सकता है। योग अभ्यास से शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य को सुधारने में मदद मिल सकती है।
सुप्तबध्दकोणासन को नियमित रूप से और सावधानी से प्रैक्टिस करना फायदेमंद हो सकता है, लेकिन किसी भी नई योग आसन को करने से पहले एक योग गुरु की मार्गदर्शन में आपके लिए बेहतर हो सकता है, खासतर जब आप इसे पहली बार कर रहे हों।
सुप्तबध्दकोणासन योग आसन को करते समय कुछ सावधानियां जरूर बरतनी चाहिए:
शुरुआती स्तर: यदि आप योग शुरू कर रहे हैं या इस आसन को पहली बार कर रहे हैं, तो सुप्तबध्दकोणासन को धीरे-धीरे और आसानी से करें। धीरे-धीरे आसन को बढ़ाते जाएं।
दर्द या दर्द से छुटकारा पाने वाले व्यक्ति: यदि आपके पास कमर या गुदा संबंधित सर्जरी या घाव है, तो आपको सुप्तबध्दकोणासन को करने से पहले अपने चिकित्सक से परामर्श लेना चाहिए।
गर्भवती महिलाएं और मासिक धर्म के दौरान: गर्भवती महिलाओं और मासिक धर्म के दौरान इस आसन को नहीं करना चाहिए।
डिस्क प्रॉब्लम्स: यदि आपके पास कमर की डिस्क प्रॉब्लम्स हैं, तो इस आसन को करने से पहले चिकित्सक की सलाह लें।
सावधानी से उठें: सुप्तबध्दकोणासन से उठने के बाद, धीरे-धीरे बैठे हुए स्थिति से उठें और थोड़ी देर तक बैठे रहें, और अपनी सांसें नॉर्मलाइज करें।
सही सांसें: आसन को करते समय सही सांसें लें। आपको सांस अंदर लेनी है जब आप आसन बनाते हैं और सांस बाहर छोड़नी है जब आप आसन से बाहर आते हैं।
योग गुरु की मार्गदर्शन: सुप्तबध्दकोणासन को सही तरीके से करने के लिए, योग गुरु की मार्गदर्शन में करना बेहतर हो सकता है, खासतर जब आप इसे पहली बार कर रहे हों।

कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें